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सनी देओल की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बॉर्डर 2’ 23 जनवरी 2026 को रिलीज होने जा रही है। टीजर और पहले गाने ‘घर कब आओगे’ को मिली शानदार प्रतिक्रिया के बाद अब फिल्म का दूसरा गाना ‘इश्क द चेहरा’ भी धूम मचा रहा है।

इस गाने में दिलजीत दोसांझ और सोनम बाजवा पति-पत्नी के रूप में नजर आते हैं। दोनों की रोमांटिक केमिस्ट्री और पंजाबी टच ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। गाने के विजुअल्स, लोकेशन और भावुक संगीत इसे खास बनाते हैं।

  • दिलजीत दोसांझ: ग्लोबल सिंगर, एक्टर और बड़े ब्रांड एंडोर्सर—अनुमानित नेटवर्थ ज्यादा मानी जाती है।

  • सोनम बाजवा: पंजाबी सिनेमा की टॉप स्टार, फिल्मों और ब्रांड डील्स से मजबूत कमाई।

सार यह है कि सार्वजनिक अनुमानों के मुताबिक दिलजीत दोसांझ सोनम बाजवा से अधिक अमीर माने जाते हैं, हालांकि दोनों अपने-अपने क्षेत्र में बेहद सफल हैं। 


 


  पोस्टर में राम और रावण की पहली झलक ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया है और फिल्म की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

फिल्म के लिए फैंस का उत्साह इस बात से भी जाहिर होता है कि यह भारतीय पौराणिक कथा को बड़े परदे पर नया और आधुनिक अंदाज में पेश करेगी। रणबीर और यश की जोड़ी, दोनों की दमदार उपस्थिति और स्क्रीन प्रेजेंस, ऑडियंस के लिए खास आकर्षण होगी। मोस्ट एंटीसिपेटेड फिल्म ‘रामायण’ से फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। इस फिल्म में रणबीर कपूर राम की भूमिका में और यश रावण की भूमिका में नजर आएंगे।

हाल ही में फिल्म के पोस्टर और रिलीज डेट का खुलासा हुआ, जिसने सोशल मीडिया पर पहले ही चर्चा का तड़का लगा दिया है 


 

हरिद्वार से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आध्यात्मिक गुरु स्वामी अवधेशानंद जी गिरि ने जीवन और धर्म पर महत्वपूर्ण शिक्षा दी है। उनके अनुसार:

  • सत्य की शक्ति: जीवन में जहां सत्य होता है, वहां सुख और शांति अपने आप आती है।

  • दुख और कमियों का अंत: सत्य का पालन करने से व्यक्ति के अंदर की कमियां और दुख दूर होते हैं।

  • जीवन का मार्गदर्शन: यह सूत्र केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक जीवन में सफलता और मानसिक संतुलन के लिए भी मार्गदर्शक है।

स्वामी जी का यह संदेश लोगों को सत्य और ईमानदारी के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।


 

पुराणों में चित्रगुप्त जी को यमराज के सहयोगी और न्याय के अधिकारी के रूप में जाना जाता है। वे मनुष्यों के सभी सकारात्मक और नकारात्मक कर्मों का लेखाजोखा रखते हैं।

क्यों हैं चित्रगुप्त जी महत्वपूर्ण?

  1. कर्मों का हिसाब: हर व्यक्ति के अच्छे-बुरे कर्मों को कलम और दवात से रिकॉर्ड करते हैं।

  2. यमराज के सहयोगी: मृत्यु के बाद यमलोक में जब आत्मा का निर्णय लिया जाता है, चित्रगुप्त के द्वारा दर्ज रिकॉर्ड निर्णायक होता है।

  3. न्याय का प्रतीक: पुराणों के अनुसार, चित्रगुप्त जी का काम केवल लेखाजोखा रखना नहीं, बल्कि धर्म और न्याय सुनिश्चित करना भी है।

पुराणों की कथाओं से सीख:

  • जीवन में किए गए कर्म किसी न किसी रूप में लौटते हैं।

  • सत्कर्म और धर्म के मार्ग पर चलना मनुष्य के लिए शुभ परिणाम लाता है।

  • चित्रगुप्त जी की पूजा और उनके प्रति श्रद्धा रखने से मनुष्य के पाप कम होते हैं और पुण्य बढ़ता है।

पुराणों में कहा गया है कि कलम और दवात से अपने कर्मों का हिसाब रखने वाला तेजस्वी देवता हर समय हमारे साथ होता है, और यही वजह है कि धर्म और नैतिकता का पालन करना अनिवार्य माना गया है।